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Tuesday, October 8, 2013

समय…….

समय की शक्ति और सामर्थ्य के आगे सब नतमस्तक ,
समय से बड़ा गुरु और मार्गदर्शक और कोई नहीं ,
जिसने इसकी शक्ति को समझा और जाना ,
उससे बढ़ा इस दुनिया में कोई ज्ञानी नहीं ,

समय ही रंक को कभी राजा तो कभी राजा को रंक बनाता हैं ,
न ये किसी के रोके रुकता हैं और न इसे खरीदा जा सकता हैं ,
ये अटल सत्य है जो अनवरत चलता  जाता हैं ,

न तो यह किसी के लिए कोई भेद करता हैं ,
न किसी को कुछ ज्यादा या कम देता हैं ,
अपने में समेटे हुए कितने दुःख और सुख के पल ,
ये बस बीतता चला जाता हैं ,

बीते हुए समय को हम यादे बना लेते हैं ,
अभी जो समय चल रहा हैं उसे जीते हैं ,
आने वाले समय के लिए ना जाने क्या क्या सपने संजोये रखते हैं ,

हम ताउम्र इसके  साथ तालमेल बैठाने का प्रयत्न करते है ,
मगर इसकी बेवफाई का आलम ये होता हैं ,
जिस पल को हम सबसे ज्यादा जीना चाहते हैं ,
उसी में ये सरपट भागता हैं और जो पल हम जल्दी बिताना चाहते हैं ,
उसी में इसकी रफ़्तार सबसे सुस्त पाते हैं .

हर पल ये छलावा करता रहता हैं ,
अगर अभी सही हैं तो न जाने आने वाले पल में क्या छुपाये बैठा हैं ,
इसलिए न इसकी दोस्ती अच्छी और न दुश्मनी ,
बस इसको अपनी गति से चलते जाने दो ,
हो सके तो इसके हर पल को जीना सीख लो . 

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