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Thursday, October 29, 2015

मैं गाय हूँ ..........................



मैं गाय हूँ ,
सागर तट पर डूबते सूरज को विदा करते हुए सोच रही हूँ !
क्यों मेरे नाम का इतना शोरशराबा हैं ? !!

मैं तो गाय हूँ ,  
और दुसरो के काम आने  के लिए ही  जन्मी हूँ , फिर क्यों मेरे नाम से आज झगड़ा हैं ? !
मेरे दूध से पले बढे  बच्चों को झगड़ते देख आज मैं सचमुच बड़ी दुखी हूँ !!

मैं गाय हूँ , 
मेरे लिए कोई भेद नहीं हैं , मेरे मन में किसी के लिए कोई क्लेश नहीं हैं !
मुझे " गौ माता " कहने वाले लोगों में आज इतना द्वेष क्यों हैं ? !!

मैं गाय हूँ , 
आप भी सूरज हो , क्या किसी खास  के लिए ही चमकते हो ?  !
अगर आप के लिए भी झगड़ा हो जाये और आपने चमकना छोड़ दिया तो क्या होगा ? !!

मैं गाय हूँ , 
मैं  कामधेनु हूँ -प्यार से रखोगे तो सब कुछ न्यौछावर कर दूँगी !
आँख उठाने वालो का कार्त्तवीर्य  अर्जुन के जैसे हाल कर दूँगी !!

Saturday, October 10, 2015

मैं खुश रहता हूँ .......

मैं खुश रहता हूँ  .......
मैं बीते कल का रोना नहीं रोता , और आने वाले कल की फिक्र करता हूँ। 
मैं तो बस आज में जीता हूँ !!

मैं खुश रहता हूँ  .......
मैं किसी से कोई उम्मीद नहीं पालता !
बस खुद से उम्मीद रखता हूँ !!


मैं खुश रहता हूँ  .......
मुझे बहुत कुछ नहीं चाहिए !
मैं थोड़े से में भी संतोष कर जाता हूँ !!

मैं खुश रहता हूँ  .......
मैं किस्मत में यकीन नहींरखता हूँ  !
अपनी तकदीर खुद बनाने में यकीन रखता हूँ !!

मैं खुश रहता हूँ  .......
मैं औरो को ताने नहीं देता !
खुद अपने गिरेबान में पहले झांक लेता हूँ !!

मैं खुश रहता हूँ  .......
मैं मानता हूँ ये उधार की ज़िन्दगी हैं !
और किराये के मकान में कटनी हैं फिर दुःखी क्यों रहूँ !!

मैं खुश रहता हूँ  .......
मुझे किसी से कोई ईर्ष्या नहीं हैं , न मैं किसी से कोई दुश्मनी रखता हूँ !
दोस्त बनाता हूँ और उनकी उन्नति की कामना करता हूँ !!

मैं खुश रहता हूँ  .......
मैं बस आज और अभी में जीता हूँ !

वक्त चाहे अच्छा हो या बुरा -बीत जायेगा में यकीन रखता हूँ !!