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Monday, March 7, 2016

नारी शक्ति



नारी शक्ति अपरम्पार , तुझसे ही जीवन आधार ! 
तू ही दुर्गा , तू ही काली - तेरे रूप हजार !!

तू शक्तिस्वरूपा , धैर्यमूर्ति , त्याग का हैं पर्याय !
प्यार की परिभाषा तुझसे , रिश्तो को देती हैं आयाम !! 

एक जीवन में कई जीवन जीती हैं एक नारी !
अपने दुःखो को भूलकर मुस्कराती हैं एक नारी !!

माँ रूप में जगतजननी , पत्नी रूप में पथ प्रदर्शक !
बहन रूप में स्नेह की छाया , बेटी रूप में कुल की इज्जत !!

शब्दों की अपनी सीमा हैं , तेरी महिमा उससे परे !
नारी को जो सम्मान न दे , उसका जीवन  नरक तले !!

नारी शक्ति अपरम्पार , तुझसे ही जीवन आधार ! 
तू ही दुर्गा , तू ही काली - तेरे रूप हजार !!  

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