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Saturday, April 9, 2016

जीवन कारवां का एक पड़ाव


पहुँच गया हैं मेरे जीवन का कारवां एक पड़ाव पर , सोचता हूँ थोड़ा आराम कर लेता हूँ !
गठरी मेरी यादो की जरा भारी हो गयी हैं , थोड़ा इसको हल्का कर लेता हूँ !!

अच्छी यादो को फिर से गठरी में करीने से रखता हूँ !
और कड़वी यादो को अब यही छोड़ चलता हूँ !!

जो सबक सीखे हैं उन्हें जरा तरोताजा कर लेता हूँ !
गलतियां जो की हैं उन्हें न दोहराने की शपथ लेता हूँ !!

अब कारवां का सफर थोड़ा मुश्किल है , जिम्मेदारियों का असर ज्यादा हैं !
अब तक तो सिर्फ अपने लिए जिया , अब थोड़ा दूसरों के लिए जीने की कोशिश करता हूँ !!

अभी तक के सफर के लिए , ज़िन्दगी का तहेदिल से शुक्रिया करता हूँ !
जो बिछड़  गए इस कारवां में  , जरा आँखे बंद कर उन्हें याद कर लेता हूँ !!

किसी की आँखों में अगर मेरी वजह से आँसू आये हो तो पश्च्ताप कर लेता हूँ !
किसी की वजह से मेरा दिल दुःखा हो तो उसे माफ़ करता हूँ !!

खोने पाने का हिसाब करने से कोई फायदा नहीं हैं !
लाया ही क्या था ? ये गैर जरुरी सा हैं !! 

फिर नए उत्साह और उमंग से मुझे आगे बढ़ना  हैं !
अपने तजुर्बे और थोड़े ज्ञान का इम्तेहान देना हैं !!

कितने लोगो से और मिलना और सीखना हैं  !
जीवन कारवां का आगे का सफर ख़ुशी ख़ुशी तय करना हैं !! 

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