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Tuesday, June 14, 2016

आधुनिक कहकहे - भाग -२

गुरु शिष्य अब स्टूडेंट टीचर हो गए , न रही अब परम्परा की बात !1
टीचर की बात को कैसे झुठलाये ?, लेता इंटरनेट का साथ !2!
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माँ कुछ बेटी से कहे , प्राइवेसी में दखल हो जाता हैं !1
पिता कुछ बेटे से कहे , आपको क्या मालूम ? कहता हैं !2!
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जीवन मूल्य बदल गए , बदल गए उसूल !1
सच्चाई पर कदम कदम पर भारी पड़ रहा है झूठ !2!
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गर्लफ्रेंड कहती बॉयफ्रेंड से ," प्यार व्यार सब ठीक हैं , बैंक बैलेंस कितना हैं तुम्हारे पास ? !1
सास ससुर की सेवा, खाना बनाना, बच्चे पालना नहीं हैं मेरे बस की बात !2!"
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होने वाली पत्नी कहे," घर में न सास ससुर चाहिए , न कोई ननद का राज !1
मेरे ऊपर कोई पाबन्दी नहीं चाहिए , सोई रहू चाहे दिन रात !2!”
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देशप्रेम अब शब्द रह गया , नहीं खौलता खून !1
देशभक्त को कोई न जाने , देश द्रोहियो की सब करे पूछ !2!
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धन दौलत के लालच में , सब कुछ गए भूल !1
ताक पर सब मान मर्यादा , बदल गए उसूल !2!
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सबको हर चीज़ की जल्दी हैं , धैर्य नहीं किसी के पास !1
बीज अभी बोया नहीं , फल की करे आस !2!
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फेसबुक ने पुराने साथी मिलाये , व्हाट्सप्प कराता बात !1
बोर होने के दिन लद गए , जबसे  स्मार्टफोन आया हाथ !2!
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भावनायें व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं , इमोजी चाहिये !1
घर का खाना सादा होता हैं , जंक फ़ूड के साथ कोक चाहिए !2!
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