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Wednesday, October 5, 2016

बड़ा अजीब चलन चलते देखा हैं


झूठे को बढ़ावा , सच को अनदेखा करने का !
बड़ा अजीब चलन चलते देखा हैं      !!

देश के लिए शहीद होने वालो के लिए चुप्पी , देशद्रोही की मौत पर हंगामा  करने का !
बड़ा अजीब चलन चलते देखा हैं    !!

समाज को जो सुधारने चलता हैं उसके पीछे कोई नहीं , फरेबी और मक्कारो के पीछे भीड़ !
बड़ा अजीब चलन चलते देखा हैं !!

 माँ -बाप के सुझावों की अनदेखी , पराये लोगो की सलाह को बच्चो को लेते देखा हैं !
बड़ा अजीब चलन चलते देखा हैं !!  

परिवार के बीच एक छत के नीचे ख़ामोशी को पसरा देखा, फोन पर मायावी दुनिया में शोर होते देखा हैं !
बड़ा अजीब चलन चलते देखा हैं !!

विषय की जानकारी भले ही शून्य हो , मगर ताल ठोककर अपनी राय देते सुना हैं !
बड़ा अजीब चलन चलते देखा हैं !!

शेरो को झुण्ड में और गीदड़ो को दहाड़ते सुना हैं !
बड़ा अजीब चलन चलते देखा हैं !!

कर्मयोगी का तिरस्कार और कामचोरों को पुरुष्कार लेते देखा हैं !
बड़ा अजीब चलन चलते देखा हैं !!

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