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Saturday, November 19, 2016

बदलाव की बयार ( नोटबंदी )

एक कोशिश हुई कुछ बदलने की , 
जो हम दिल से चाहते हैं !
किसी ने तो पहल की वो दुनिया बनाने की , 
जिसमे हम रहना चाहते हैं !! 

बदलाव की बयार बह रही हैं , 
हमें भी कुछ बदलना होगा !
अपने " आने वाले कल" के लिए,
 " आज " संघर्ष करना होगा !! 

देश आज दोराहे पर खड़ा हैं , 
कोई रास्ता तो चुनना होगा !
या तो ऐसे ही चलते रहो , 
या फिर परिवर्तन का हिस्सा बनना होगा !! 

बेशक अभी परेशानी बहुत हैं , 
हर तरफ हाहाकार हैं !
लोगो के सब्र का ये कड़ा इम्तेहान हैं , 
" देश " के लिए आज यही तो बलिदान हैं !! 

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