Amazon-Buy the products

Friday, July 29, 2016

ज़िन्दगी उत्सव



कहीं खुशियों के रेले -और कहीं थोड़ा गमो के झमेले हैं ,
कहीं प्यार की बरसात  हैं - कही थोड़ा तकरार हैं ,
हर ज़िन्दगी का कोई न कोई रंग ,
यहाँ हर तरफ ज़िन्दगी के मेले हैं। 

कोई यहाँ दौड़ रहा - कोई अलमस्त हैं ,
कोई कल की फिक्र में व्यस्त हैं ,
किसी के चेहरे पर उदासी - कोई खिलखिला कर हँस रहा हैं ,
कोई भीड़ में भी अकेला - कोई अकेला ही मस्त हैं ,
ज़िन्दगी उत्सव के देखो कितने अनगिनत रंग हैं। 

हर कोई शामिल हैं इस उत्सव में - गठरी अपनी उम्मीदों की बाँधे हैं ,
घूम रहा हैं इस उत्सव में - अपना रंग बिखेरे हैं ,
आओ ! शामिल हो जाओ जीवन उत्सव में ,
सबके लिए यहाँ बहुत कुछ हैं।  

Friday, July 15, 2016

बादल




आसमां के लुटेरे बादल - श्याम श्वेत ये बादल !
बरसते अपनी मनमर्जी से , उमड़ घुमड़ शोर करते बादल !!

अपने में समेटे बूँदों को , धरा को तरसाते बादल !
आँख मिचौली सूरज के साथ करते हैं ये बादल !!

बरसने से पहले खूब बचपना करते बादल !
नियति को मंजूर करने से पहले खूब अठखेलियां करते बादल !!

आज यहाँ , कल कहाँ - पूरी धरती का चक्कर लगाते ये बादल !
किसी के लिए वरदान , किसी के लिए सैलाब लाते ये बादल !! 

करने दो शैतानियाँ जरा , धरा में समाने के लिए ही जन्मे हैं ये बादल !
बारिश की बूँदे बनकर कितना कुछ दे जाते हैं ये बादल !!